02

Club Euphoria

रात का समय था...

मुंबई की रातें नियॉन लाइट में नहाई हुई थीं…

सड़कें जैसे जाग रही हों… हर मोड़ पर चमक… हर चेहरे पर कहानी…

क्लब यूफोरिया के बाहर कारों की लंबी लाइन लगी थी।

लाउड म्यूजिक की धड़कन बाहर तक महसूस हो रही थी…

जैसे दीवारें भी बीट पर सांस ले रही हों।

तभी…

एक ब्लैक BMW आकर धीरे से रुकती है।

दरवाज़ा खुलता है। और एक लडकी

पहले बाहर आती है

शॉर्ट हेयर… ब्लैक ड्रेस… मेसी कर्ल्स…

चेहरे पर फुल ड्रामा… और उतनी ही एक्साइटमेंट।

लेकिन आज… एक्सप्रेशन में हल्की सी झुंझलाहट भी थी।

वो कार का दरवाज़ा बंद करती है… गहरी सांस लेती है…

“Finally!”

फिर कार के अंदर झाँकते हुए —

“जल्दी चल ना माया! हम वैसे भी पार्टी के लिए लेट हैं!”

ये है पलक माया की best friend तभी कार का

दूसरा दरवाज़ा खुलता है।

और बाहर उतरती है — माया सिंघानिया।

रेड ऑफ-शोल्डर सैटन ड्रेस…

नी-लेंथ स्लिट…

मिनिमल डायमंड स्टड…

खुले बाल… जो कंधों पर लहराते हुए गिर रहे थे…

उसका चेहरा…

नाज़ुक… तराशा हुआ…

जैसे हर रेखा किसी ने धैर्य से बनाई हो।

सुनहरी आभा…

और वो गहरी बादामी आँखें…

आत्मविश्वास से भरी…

पर भीतर कहीं… अनकहा सा सन्नाटा भी।

वो बेहद शांत आवाज़ में कहती है —

“Relax, Palak… शांत हो जा।

We are just ten minutes late.”

पलक नाटकीय अंदाज़ में हाथ ऊपर उठाती है —

“Just ten minutes? मैडम CEO…

This is not a board meeting… it’s a birthday party!”

माया हल्का सा मुस्कुराती है।

एक आइब्रो उठाती है।

“बोर्ड मीटिंग में भी लोग वेट करते हैं।”

“Exactly!”

पलक हंसते हुए जवाब देती है —

“Because they are scared of you!”

माया बस उसे देखती है।

हल्की मुस्कान।

लेकिन आँखों में वो पावर… वही रुतबा।

“Palak… it’s Mihika’s birthday.

I’m here as a friend… not as CEO.”

उसी समय पीछे से एक चुलबुली आवाज आती है —

“Finally… Miss Singhania decided to attend the party.”

दोनों मुड़ती हैं।

वहाँ खड़ी थी — मिहिका चौधरी।

ग्लिटर सिल्वर ड्रेस में चमकती हुई…

चेहरे पर एक्साइटमेंट… और हल्की नकली नाराज़गी।

पलक दौड़कर उसे हग करती है —

“Happy birthday, cutie!”

फिर माया आगे बढ़ती है।

मिहिका हल्का सा टोंट मारती है —

“Miss Singhania… you remember I exist?”

माया का चेहरा नरम पड़ जाता है।

उसकी आवाज़ धीमी… लेकिन बेहद सच्ची —

“Some people matter beyond calendar reminders…”

वो उसे करीब खींचती है।

“Happy birthday, Mihika.”

और इस बार हग… थोड़ा ज़्यादा टाइट…

थोड़ा ज़्यादा सच्चा।

(धीरे-धीरे बैकग्राउंड म्यूज़िक तेज़ होता है…

और तीनों क्लब की तरफ बढ़ती हैं…)

क्लब के अंदर कदम रखते ही जैसे एक अलग ही दुनिया खुल गई।

लाइट्स डिम थीं — इतनी कि चेहरे आधे छिप जाएँ, आधे रहस्यमयी दिखें। पर्पल और ब्लू बीम्स हवा को चीरती हुई डांस फ्लोर पर घूम रही थीं। हर बीट के साथ लाइट्स का रंग बदलता, और भीड़ एक साथ उछलती — जैसे एक ही धड़कन पर चल रही हो।

डीजे की बेस इतनी गहरी थी कि सीने के अंदर कंपन महसूस हो। परफ्यूम, स्मोक मशीन की हल्की धुंध और हँसी की आवाज़ें — सब मिलकर माहौल को मदहोश बना रहे थे।

मिहिका आगे-आगे चल रही थी, हाथ में मॉकटेल, जिसकी ग्लास की रिम पर लगा ऑरेंज स्लाइस लाइट में चमक रहा था। उसके चेहरे पर आज किसी बच्चे जैसी प्योर खुशी थी। वह बार-बार पीछे मुड़कर माया और पलक को देखती, जैसे यह सुनिश्चित कर रही हो कि उसकी दोनों सबसे खास दोस्त सच में यहाँ हैं।

“चलो, वीआईपी सेक्शन में बैठते हैं,” उसने उत्साह से कहा और उन्हें साइड कॉरिडोर से ले गई।

वीआईपी सेक्शन थोड़ा शांत था — काँच की रेलिंग से पूरा डांस फ्लोर दिख रहा था। सॉफ्ट लेदर काउच, लो टेबल्स और हल्की एम्बर लाइटिंग। यहाँ शोर कम था, पर वाइब उतनी ही हाई।

मिहिका ने जैसे ही बैठकर एक सिप लिया, उसकी आँखें चमक उठीं। उसने माया को देखा — थोड़ी देर तक बिना कुछ कहे। फिर हल्के भावुक स्वर में बोली,

“तुम्हारे बिना पार्टी इनकंप्लीट थी।”

उसकी आँखों में सच्चाई थी — और शायद थोड़ी शिकायत भी कि वह देर से आई।

पलक तुरंत बीच में कूद पड़ी, दोनों हाथ कमर पर रखकर, नकली नाराज़गी के साथ —

“Excuse me? मैं क्या डेकोरेशन हूँ?”

उसने ऐसा चेहरा बनाया जैसे सच में अपमान हो गया हो। होंठ गोल, आँखें चौड़ी, भौंहें ऊपर।

तीनों हँस पड़ीं। वह हँसी बनावटी नहीं थी — वह पुरानी दोस्ती वाली हँसी थी जिसमें सालों की यादें छिपी होती हैं।

कुछ ही देर में म्यूजिक और तेज़ हो गया। डांस फ्लोर पर भीड़ और घनी हो गई। किसी ने “Birthday girl!” चिल्लाया और मिहिका का हाथ पकड़ लिया।

“Come!” मिहिका ने पलक को खींच लिया।

पलक पहले तो उठी, फिर अचानक मुड़कर माया की ओर हाथ बढ़ाया।

“माया, come na!”

उसकी आँखों में चमक थी — जैसे वह सच में चाहती हो कि माया भी उस पल को पूरी तरह जी ले।

माया ने हल्के से सिर हिलाया। उसके होंठों पर एक सॉफ्ट, कंट्रोल्ड मुस्कान थी।

“You guys go. I’ll join.”

“मैडम ऑलवेज कंपोज्ड,” पलक ने टीजिंग टोन में कहा, आँखें सिकोड़ते हुए, “कभी-कभी कंट्रोल छोड़ भी दिया करो।”

माया ने सामने रखा ग्लास उठाया। उसकी उँगलियाँ लंबी और स्थिर थीं — उनमें कोई हड़बड़ी नहीं। उसने एक छोटा-सा सिप लिया, फिर शांत स्वर में बोली,

“कंट्रोल ही मेरी स्ट्रेंथ है।”

उसके चेहरे पर आत्मविश्वास था — लेकिन आँखों में एक ऐसी परत, जो किसी को पूरी तरह पढ़ने नहीं देती।

पलक ने आँखें घुमाईं।

“Whatever, Miss Discipline,” कहकर वह मिहिका के साथ डांस फ्लोर की तरफ भाग गई।

माया धीरे-धीरे उठी और बार काउंटर की ओर चली गई। उसकी चाल में वही शालीन ठहराव था — जैसे भीड़ उसे छू भी नहीं सकती।

बारटेंडर ने उसे आते देखा। उसकी नजर एक पल को ठहर गई।

“Ma’am, what would you like to have?”

माया का चेहरा लगभग एक्सप्रेशनलेस था — प्रोफेशनल, संयत।

“Just sparkling water.”

बारटेंडर ने हल्का सा आश्चर्य दिखाया।

“Nothing stronger?”

उसने उसकी तरफ देखा। एक बेहद विनम्र, लेकिन दूरी बनाए रखने वाली मुस्कान दी।

“I like staying aware.”

उसके शब्दों में कोई दिखावा नहीं था — बस एक सिद्धांत।

कुछ देर बाद वह वापस वीआईपी टेबल पर बैठी थी। सामने डांस फ्लोर पर पलक और मिहिका हँसती, घूमती, म्यूजिक पर झूमती नज़र आ रही थीं।

माया की आँखों में हल्की मुस्कान थी। वह उन्हें देखकर सच में खुश थी।

लेकिन अचानक…

उसे महसूस हुआ — जैसे कोई उसे देख रहा हो।

वह एहसास हल्का नहीं था। जैसे किसी की निगाह लगातार उसकी ओर टिकी हो।

उसकी मुस्कान एक सेकंड के लिए ठहर गई। उसकी उँगलियाँ ग्लास पर हल्की-सी सख्त हो गईं। उसने बहुत नैचुरल दिखने की कोशिश करते हुए सिर घुमाया — पहले बाएँ… फिर दाएँ…

भीड़। हँसी। अजनबी चेहरे।

कुछ खास नहीं।

उसने खुद को समझाया — “Overthinking.”

लेकिन उस एक पल में उसकी आँखों में जो सतर्कता आई थी — वह सामान्य नहीं थी।

उसने हल्के से सिर झटका और सीधी बैठ गई।

तभी पलक वापस आई — हाथ में ड्रिंक, चेहरे पर पसीने की हल्की चमक और आँखों में शरारत। वह माया के सामने बैठ गई, झुककर उसे घूरते हुए बोली,

“Okay, serious queen…”

उसके होंठों पर मिस्टीवियस स्माइल थी।

“तुम्हारी लव लाइफ का क्या सीन है?”

मिहिका भी साथ आकर बैठ गई, सांस थोड़ी तेज़, लेकिन चेहरे पर शरारती चमक।

“Yes, Maya. Twenty-four. Successful. Gorgeous. And single. Why?”

माया ने दोनों को देखा। उसकी आँखों में पहले हल्की झुंझलाहट आई… फिर वह गायब हो गई। उसने ग्लास उठाया, छोटा-सा सिप लिया और बहुत सीधे स्वर में कहा —

“Because I choose to be.”

पलक ने आँखें गोल कर लीं।

“Come on! तुम्हें कभी किसी पर क्रश नहीं हुआ?”

मिहिका आगे झुककर बोली,

“Or are you secretly in love?”

माया ने दोनों को देखा। इस बार उसके चेहरे पर एक अजीब-सी शांत मुस्कान थी — जैसे वह कुछ जानती हो, जो वे नहीं जानतीं।

“You guys know I’m not interested in these things.”

“Not interested in love?” पलक लगभग चिल्लाई।

“Not interested in distraction,” माया ने उसे करेक्ट किया। उसकी आवाज़ अब थोड़ी गहरी थी।

“Love is beautiful… but only when it doesn’t compromise your identity.”

उसके शब्दों के बाद एक छोटा-सा सन्नाटा आया।

मिहिका ने प्लेफुल अंदाज़ में कहा,

“या फिर तुम्हें अभी तक कोई मिला ही नहीं।”

उस बात पर…

माया का चेहरा एक पल के लिए सकी आँखों की गहराई अचानक बढ़ गई। जैसे कोई पुरानी याद, कोई अधूरा एहसास, किसी का चेहरा — क्षण भर के लिए उभर आया हो। उसकी उँगलियाँ ग्लास पर थोड़ी कस गईं।

लेकिन अगले ही सेकंड उसने खुद के चहेरे को सामान्य कर।

वही शांत चेहरा और वही संयत मुस्कान के साथ।

उसने ग्लास टेबल पर रखा, धीरे से खड़ी हुई और बोली —

“You guys carry on. I’ll just use the washroom.”

उसकी आवाज़ बिल्कुल स्थिर थी।

लेकिन उसके जाते हुए कदमों में…

कुछ तो था।

जैसे वह सिर्फ वॉशरूम नहीं —

किसी और विचार से भी दूर जाना चाहती हो।

Write a comment ...

Write a comment ...